फिर दिल्ली में बात चली है ………..

यह नवगीत कुछ महीनों पहले लिखा था, जाने कौन-सी लहर में लिख दिया था। अभी तक केवल अभिन्न प्रेरक व मित्र हितेंद्र जी को फोन पर सुनाया था। लगता है आज इसे जारी करने का समय आ गया है.। बाबा नागार्जुन को समर्पित है…….

फिर दिल्ली में बात चली है सारा सिस्टम बदलेगा
संविधान संसोधन होगा औ‘ सरक्यूलर निकलेगा।
फिर दिल्ली में………
कोई अफसर नहीं हिलेगा, बाबूजी भी बैठेंगे
कार्यालय के बाहर प्रहरी नहीं किसी से ऐंठेंगे।
कोई खिड़की बंद न होगी, सारे काम फटाफट हों
डण्डे वाला कोई न होगा, ना लोहे के फाटक हों।
बंद लिफाफे नहीं चलेंगे, ना अब कोई बहकेगा
संविधान संसोधन…………….
फिर दिल्ली में………..
गांव-गांव में सड़क बनेगी, पहुंच मार्ग निर्मित होंगे
फसल हाथ की हाथ बिकेगी, पूरे दाम निहित होंगे
नाली डम्बर-रोड खरंजा सरपंचों का खेल नहीं
ऑडीटर जनता ही होगी शिकवा थाना जेल नहीं।
अब केवल प्रधान का बंगला नहीं गांव में चमकेगा
संविधान संसोधन………..
फिर दिल्ली में…….
सारे मंत्री ‘युवक’ होंगे दौड़भाग करने वाले
मोटे-मोटे घर बैठेंगे पैसे पर मरने वाले।
जिनके चेहरे कुटिल न होंगे जनता पढ़ लेगी जिनको
आसंदी पर वही जमेंगे बत्ती-लाल मिले उनको।
हथियारों से घिरे न होंगे ना बड़ा काफिला निकलेगा
संविधान संसोधन…..
फिर दिल्ली में……
कितना सुंदर सपना है ये कितनी बढ़िया है युक्ति
लिखते-लिखते याद आ गई कवि प्रसाद की ये पंक्ति –
मिला कहां वह सुख जिसका मैं स्वप्न देखकर जाग गया
आलिंगन में आते-आते मुसक्या कर जो भाग गया
जल्दी सपना पूरा होगा शीघ्र सितारा चमकेगा
संविधान संसोधन होगा……..
फिर दिल्ली में ……..

Advertisements

5 responses to “फिर दिल्ली में बात चली है ………..

  1. नमस्ते डॉ. साहब. मुझे आपके ब्लौग पर आकर बहुत अच्छा लगा. आप सुदर्शन व्यक्तित्व और मेधा के धनी हैं. आपकी लेखनी के ओज से सभी लाभान्वित होंगे. आपने ‘मेरे आध्यात्मिक प्रेरक’ पृष्ठ को खाली छोड़ा है, उसे पूरा कर लें ताकि हमारा ज्ञानवर्धन हो.

  2. सुन्दर कविता| काश कि ऐसा हो कि दिल्ली बदले| और ना बदले तो हम दिल्ली से ‘दिल्ली’ को छीन लें| बहुत राज कर चुकी दिल्ली हम पर| अब हम दिल्ली पर राज करें| -हितेन्द्र

  3. बहुत सुन्दर सपना देखा आपने! हमें भी बहुत अच्छा लगा। बस संसोधन खटक रहा है।शायद टाइपो के कारण। समय मिले तो संशोधन कर दीजियेगा। अच्छी रचना हेतु बधाई!

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s