बचपन की सुनहरी स्मृतियों को साथ लेकर जिस स्कूल में जीवन में एक बड़ा हिस्सा बीता हो वहॉं से जाते समय जो भावनाएं उमड़तीं हैं उन्हें शब्दबद्ध करना बहुत मुश्किल है। फिर भी ये विदाई गीत कक्षा 12 वीं के विद्यार्थी जो जा रहें हैं उनके लिए लिखा और संगीतबद्ध किया है। 11 वीं विद्यार्थी उनके लिए गा रहे हैं, ……….
विदाई गीत :

जाओगे तुम यहॉं से
सोचोगे हम कहॉं
सुनहरे पल जो आए थे
यहॉ तुमने बिताए थे
याद करोगे वहां।।।।।
नये जीवन की सौगातें
तुम्हें बाहर बुलाती हैं
ये स्कूल की दीवारें
नहीं तुमको भुलाती हैं
जाओ तुम चाहे जहां।।।।
तुम्हारे दोस्त ये सारे
नहीं तुमको सताएंगे
तुम्हें खुद ही वहां जाकर
ये इतने याद आएंगे
भूल न जाना वहां।।।।
go out to serve your country and Countrymen
हिन्दी गजल : पढ़े जाने को
इम्तिहान की घड़ी आई है।
आज वरिष्ठों की विदाई है।
मैं जिसे डांटता था वो लड़की
आखिरी हस्ताक्षर लेने आई है।
गुस्सा होते थे बड़े सर
उनकी भी आंख भर आई है।
जहां बैठता था वो बैंच
खाली-खाली नजर आई है।
बहुत बातूनी थी मेरा दोस्त
उसके दिल में भी रुलाई है।
हाथ हिलाता है स्कूल का पेड़
नई पत्ती निकल आई है।
बहुत छोटी है ये दुनियां
फिर मिलें – ये उम्मीद जताई है।