
(हिन्दी गजल : रिदम के साथ पढ़ी जाने को)
कि-
लीडर आज आयेंगे
हमें भाषण सुनायेंगे।
हमें रोटी का आश्वासन
दुबारा देके जायेंगे।
चलो हम लोग चलते हैं
पुराना गीत गायेंगे।
वहीं बैठे रहो सज्जन!
तुम्हें ऊपर बुलायेंगे।
सतह पर शांति होगी
भीतर कुलबुलायेंगे।
यहां पर फल नही मिलते
चलो लोहा चबायेंगे।
तुम्हारा काम अब होगा
वो परसों दिल्ली जायेंगे।