इस श्रेणी में यात्रा और प्रवास के अनुभव संकलित किये गये हैं। फिलहाल यहॉं उपल्ाब्ध हैं …….
* नाथ सैल पर कपिपति रहई………….
*ये बुढ़िया शबरी जैसी,राम भी आते होंगे………
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मंथन : दो, यानी कि एक बार फिर बैठे साथ-साथ ….बनारस में
*पत्थरों पर इतिहास – हम्पी : द हिस्ट्री ऑन स्टोन
*हिन्दी शिक्षकों का संगम : श्रद्धा, आस्था एवं विश्वास की त्रिस्तरीय ऊर्जा
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बारह दिन बनारस में