.एक दुर्लभ चित्र
संत और भक्त की परिभाषाओं को शतप्रतिशतता देने वाले, धन,मान और महल-मठ के आकर्षण से दूर परमात्मा के नामस्मरण में जीवन भर रत रहे, सरयू नदी के पावन तट पर अयोध्या की सार्थकता का द़श्य देने वाले परमपूज्य संत बाबा करतलिया अवधूत, जो दो दशक पूर्व नश्वर देह का त्याग कर गये। अपार वात्सल्य जिनसे प्रवाहित होता था, मेरा नामकरण करने वाले महान संत जिनकी आयु के बारे में कोई ठोस जानकारी किसी को नही। अयोध्या में सच्चे संत के रूप में अपार सम्मान प्राप्त, किन्तु सदैव माया से दूर झोपडी में निवास रहा, शत शत नमन……मेरे गुरूदेव के गुरूदेव।
अचानक मिले, अनेक साधनारहस्य निस्प्रयोजन मुझ पर प्रकट किय, सफलता के कई सूत्र बताये और इससे पहले कि कुछ समझ पाता, नश्वर देह का त्याग कर गये। महान तपस्वी, कठोर साधक महामना स्वामी मंगलानंद जी अवधूत् जिन्हें समर्पित की अपनी उपाधियां और उपलब्िधयां….
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